ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

तुलसीदासजी ने गुरु के चरणकमलों की रज को किसका सुन्दर चूर्ण कहा है?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

गुरु के चरणों की रज को 'अमिअ मूरिमय चूरन चारू' अर्थात् अमृत मूल (संजीवनी जड़ी) का सुन्दर चूर्ण कहा गया है, जो सम्पूर्ण भवरोगों (संसार के दुखों) के परिवार को नष्ट करने वाला है।

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रामचरितमानस — बालकाण्ड

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