का सरल उत्तर
इसकी कथा एक कंजूस रानी की है जिसने गुरुवार को बाल और कपड़े धोकर अपना सारा धन नष्ट कर दिया था। बाद में उसने 16 गुरुवार व्रत रखकर और चने की दाल-गुड़ का भोग लगाकर अपना खोया धन वापस पाया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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