हनुमान जी ने राम नाम की शक्ति कैसे दिखाई
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
हनुमानजी ने राम-नाम जपने वाले राजा की रक्षा की और स्वयं श्रीराम का बाण उसे नहीं छू सका। तब विश्वामित्र ने कहा — 'जो बल राम के नाम में है, वह खुद राम में नहीं है।' यह प्रसंग राम-नाम की अपराजेय शक्ति का प्रमाण है।
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नाम महिमा एवं भक्ति
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