का सरल उत्तर
जल चोरी/दुरुपयोग — यमदूत का उलाहना, यममार्ग पर भयंकर प्यास, वैतरणी में रक्त-मवाद से प्यास। 'जल-स्रोत नष्ट करने वाले को नरक।' जलदान से प्रायश्चित।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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