का सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के अनुसार पापी जीव यमदूतों के अत्यधिक भय से मल-मूत्र त्याग देता है। यह उस जीव के अधोमार्ग से प्राण-निर्गमन का संकेत है और पाप के पतनकारी अंत का प्रतीक है। जीवन का अहंकार मृत्यु में हीनता बन जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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