का सरल उत्तर
मुण्डक उपनिषद (3.1.1): दो पक्षी — जीवात्मा (फल खाता) और परमात्मा (साक्षी)। जीवात्मा = अणु, कर्मबद्ध, माया प्रभावित। परमात्मा = सर्वव्यापक, सर्वज्ञ, माया स्वामी। गीता (15.7): जीव ईश्वर का अंश। अद्वैत: दोनों एक, द्वैत: सदा भिन्न।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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