का सरल उत्तर
ब्रह्मा जी का सिर काटने के कारण कालभैरव पर ब्रह्महत्या का पाप लगा था। जब वे भिक्षाटन करते हुए काशी (वाराणसी) पहुंचे, तब वहां की पवित्र भूमि पर पैर रखते ही वे इस पाप से मुक्त हुए।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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