का सरल उत्तर
काले तिल की उत्पत्ति भगवान वराह के शरीर से उत्पन्न पसीने की बूंदों से हुई। जब भगवान वराह ने हिरण्याक्ष का वध कर पृथ्वी को रसातल से बाहर निकाला, तब उनके पसीने की बूंदें पृथ्वी पर गिरीं, और उनसे काले तिल उत्पन्न हुए। इसीलिए श्राद्ध में काले तिल अत्यंत पवित्र और अनिवार्य माने जाते हैं।
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