कौन-कौन से कर्म प्रेत योनि का कारण बनते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गरुड़ पुराण में प्रेत योनि के कारणभूत कर्म — दूसरों की संपत्ति हड़पना, मित्र-द्रोह, व्यभिचार, ब्राह्मण-पीड़न, परिजनों का त्याग, ईश्वर-विमुखता, दान न करना, कन्या-विक्रय और अकाल मृत्यु।
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जीवन एवं मृत्यु
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