ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
जीवन एवं मृत्यु⏱ 2 मिनट पठन

कौन-कौन से कर्म प्रेत योनि का कारण बनते हैं?

गरुड़ पुराण के प्रेतकल्प में प्रेत योनि के कारणभूत कर्मों की स्पष्ट सूची दी गई है।

संक्षिप्त उत्तर

गरुड़ पुराण में प्रेत योनि के कारणभूत कर्म — दूसरों की संपत्ति हड़पना, मित्र-द्रोह, व्यभिचार, ब्राह्मण-पीड़न, परिजनों का त्याग, ईश्वर-विमुखता, दान न करना, कन्या-विक्रय और अकाल मृत्यु।

📖

विस्तृत उत्तर

गरुड़ पुराण के प्रेतकल्प में प्रेत योनि के कारणभूत कर्मों की स्पष्ट सूची दी गई है।

गरुड़ पुराण में सीधे वर्णित है — 'जो व्यक्ति दूसरों की संपत्ति हड़प कर जाता है, मित्र से द्रोह करता है, विश्वासघात करता है, ब्राह्मण अथवा मंदिर की संपत्ति का हरण करता है, स्त्रियों और बच्चों का संग्रहीत धन छीन लेता है, परायी स्त्री से व्यभिचार करता है, निर्बल को सताता है, ईश्वर में विश्वास नहीं करता, कन्या का विक्रय करता है, माता-बहन-पुत्री-पत्नी आदि के निर्दोष होने पर भी उनका त्याग कर देता है — ऐसा व्यक्ति प्रेत योनि में अवश्य जाता है।'

इसके अतिरिक्त — आत्महत्या, हत्या, दुर्घटना से अकाल मृत्यु भी प्रेत योनि का कारण है।

गरुड़ पुराण में यह भी बताया गया है — 'जो केवल अपना और अपने परिवार का पेट भरता है, साधु-संतों के लिए दान नहीं करता, ईश्वर की भक्ति से विमुख रहता है' — वह भी जीव भोग भोगता है।

ये कर्म जीव को सामान्य यमलोक-यात्रा से विरत करके प्रेत-भटकन में फंसा देते हैं।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

कौन-कौन से कर्म प्रेत योनि का कारण बनते हैं को संदर्भ सहित समझें

कौन-कौन से कर्म प्रेत योनि का कारण बनते हैं का सबसे सीधा सार यह है: गरुड़ पुराण में प्रेत योनि के कारणभूत कर्म — दूसरों की संपत्ति हड़पना, मित्र-द्रोह, व्यभिचार, ब्राह्मण-पीड़न, परिजनों का त्याग, ईश्वर-विमुखता, दान न करना, कन्या-विक्रय और अकाल मृत्यु।

जीवन एवं मृत्यु जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

जीवन एवं मृत्यु श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

जीवन एवं मृत्यु प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

प्रेत योनिकर्मपापगरुड़ पुराण
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

कौन-कौन से कर्म प्रेत योनि का कारण बनते हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको जीवन एवं मृत्यु से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#प्रेत योनि#कर्म#पाप#गरुड़ पुराण