का सरल उत्तर
प्रत्येक पाप के लिए विशेष नरक — झूठ→रौरव, हिंसा→कुंभीपाक, स्त्री-अपमान→शूकरमुख, मित्र-द्रोह→असिपत्रवन, समय-बर्बादी→कालसूत्र। 'हर दंड न्यायसंगत है — पाप के अनुसार।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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