का सरल उत्तर
चूल्हा दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) में रखें — सर्वोत्तम। खाना बनाने वाले का मुख पूर्व की ओर हो। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में चूल्हा कदापि नहीं — अग्नि-जल टकराव। चूल्हा और सिंक साथ न रखें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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