सरल उत्तर: 'कोदंड खण्डेउ राम तुलसी जयति बचन उचारहीं' —
सरल उत्तर
'कोदंड खण्डेउ राम तुलसी जयति बचन उचारहीं' — इसका अर्थ?
का सरल उत्तर
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अर्थ — तुलसीदासजी कहते हैं — जब सबको निश्चय हुआ कि रामजी ने कोदण्ड (शिवजी का धनुष) तोड़ डाला, तब सब 'जयति' (जय हो) बोलने लगे। धनुष भंग के क्षण की जयकार।