कुक्कुटेश्वर शिवलिंग की पूजा के लिए 'ब्रह्म मुहूर्त' को ही सबसे श्रेष्ठ क्यों माना गया है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
ब्रह्म मुहूर्त में सत्त्व गुण और प्राण शक्ति चरम पर होती है। इस समय पीनियल ग्रंथि (तीसरा नेत्र) सक्रिय होती है, जिससे कुक्कुटेश्वर लिंग पर की गई साधना सीधे आत्मबोध और परमानंद की ओर ले जाती है।
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