स्कंद पुराण के अनुसार कुक्कुटेश्वर शिवलिंग की पूजा से गर्भ-वास (पुनर्जन्म) से मुक्ति कैसे मिलती है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
यह लिंग अण्डाकार है जो सृष्टि के मूल का प्रतीक है। इसकी पूजा से साधक जन्म के रहस्य को जानकर पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त हो जाता है और उसे पुनः गर्भ-वास (जन्म) का कष्ट नहीं सहना पड़ता।
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