का सरल उत्तर
यह भगवान शंकरजी (शिवजी) की स्तुति है। अर्थ — जिनका कुन्द और चन्द्रमा समान गौर शरीर है, जो पार्वतीजी के प्रियतम और दीनों पर दया करने वाले हैं, वे कामदेव को भस्म करने वाले शंकरजी मुझपर कृपा करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।