का सरल उत्तर
कुशा घास भगवान वराह के दिव्य रोमों से उत्पन्न हुई। जब भगवान वराह ने हिरण्याक्ष का वध कर पृथ्वी को रसातल से बाहर निकाला, उसके बाद उनके दिव्य रोमों से पवित्र कुशा घास का प्रादुर्भाव हुआ। इसीलिए श्राद्ध में कुशा अत्यंत पवित्र मानी जाती है, क्योंकि यह साक्षात् नारायण के शरीर से उत्पन्न हुई है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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