का सरल उत्तर
हाँ, मृत्यु के बाद सूक्ष्म शरीर के माध्यम से सुख-दुख का अनुभव होता है। पापी को यममार्ग और नरक में यातनाएँ होती हैं, पुण्यात्मा को स्वर्ग में दिव्य आनंद मिलता है। पिंडदान से भूख-तृप्ति का अनुभव भी इसी का उदाहरण है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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