का सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद दीर्घ यात्रा तुरंत नहीं होती। पहले यमलोक जाकर 24 घंटे में वापस आना, 13 दिन परिजनों के पास रहना, फिर पिंडदान के बाद असली यात्रा शुरू होती है जो 17-49 दिन तक चलती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।