का सरल उत्तर
नहीं। पुण्यात्माएँ, भगवद्-भक्त और स्वाभाविक मृत्यु वाले प्रेत नहीं बनते। अकाल मृत्यु, मोह, अधूरे संस्कार और विशेष पापकर्म वाले ही प्रेत योनि में जाते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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