का सरल उत्तर
यमलोक का विधान मुख्यतः मनुष्यों के लिए है क्योंकि केवल मनुष्य के पास विवेक से कर्म करने की शक्ति है। पशु-पक्षी भोग योनि में होते हैं और उनके कर्मों का वैसा न्याय नहीं होता जैसा मनुष्य का होता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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