का सरल उत्तर
हाँ, गरुड़ पुराण के अनुसार यमदूत पापी जीव के गले में पाश (रस्सी) बाँधते हैं। यह पाश पापकर्मों का प्रतीक है। इसी बंधन के कारण जीवात्मा अपने शरीर में वापस नहीं लौट सकती। पुण्यात्मा के लिए कोई बंधन नहीं होता।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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