का सरल उत्तर
ध्यान श्लोक: 'ॐ बालरविद्युतिमिन्दुकरीटां तुङ्गकुचां नयनत्रययुक्ताम्...' अर्थ: उदयकालीन सूर्य-कांति, चंद्रकला किरीट, उन्नत पयोधर, तीन नेत्र, मंद मुस्कान, वरद-अंकुश-पाश-अभय मुद्रा वाली भुवनेश्वरी की वंदना।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।