📖
विस्तृत उत्तर
माँ भुवनेश्वरी का ध्यान श्लोक:
ॐ बालरविद्युतिमिन्दुकरीटां तुङ्गकुचां नयनत्रययुक्ताम्। स्मेरमुखीं वरदाङ्कुशपाशाभीतिकरां प्रभजे भुवनेशीम्॥
अर्थ: उदयकालीन सूर्य के समान कान्ति वाली, मस्तक पर चन्द्रकला का किरीट धारण करने वाली, उन्नत पयोधरों वाली, तीन नेत्रों से युक्त, मंद मुस्कान युक्त मुख वाली, वरद, अंकुश, पाश और अभय मुद्रा धारण करने वाली भुवनेश्वरी देवी का मैं भजन करता हूँ।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





