विस्तृत उत्तर
माँ काली का ध्यान श्लोक:
शवारूढां महाभीमां घोरदंष्ट्रां हसन्मुखीम्। चतुर्भुजां खड्गमुण्डवराभयकरां शिवाम्॥ मुण्डमालाधरां देवीं ललज्जिह्वां दिगम्बराम्। एवं सञ्चिन्तयेत् कालीं श्मशानालयवासिनीम्॥
अर्थ: शव पर आरूढ़, अत्यंत भयानक, घोर दाँतों वाली, हँसते हुए मुख वाली, चार भुजाओं में खड्ग, मुण्ड, वर और अभय मुद्रा धारण करने वाली कल्याणकारी शिवस्वरूपा देवी। मुण्डों की माला धारण की हुई, लपलपाती जिह्वा वाली, दिगम्बरा, श्मशान में निवास करने वाली काली का इस प्रकार ध्यान करना चाहिए।
एक अन्य ध्यान मंत्र का अर्थ है: पृथ्वी को पालने वाली और ब्रह्मांड को सभी प्रकार के संकटों से बचाने वाली देवी माँ को नमन।
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