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विस्तृत उत्तर
माँ छिन्नमस्ता का ध्यान श्लोक:
प्रचण्डचण्डिकां वक्ष्ये सर्वकामफलप्रदाम्। यस्याः स्मरणमात्रेण सदाशिवो भवेन्नरः॥
अर्थ: मैं सर्वकामना सिद्धि प्रदान करने वाली प्रचंड चंडिका का वर्णन करता हूँ, जिनके स्मरण मात्र से मनुष्य सदाशिव स्वरूप हो जाता है।
शक्तिसंगम तंत्र के अनुसार, जो तारा हैं वही छिन्नमस्ता हैं।
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