का सरल उत्तर
ध्यान श्लोक: 'अटटाटटहास्निर्तामतिघोररूपाम्...' अर्थ: अट्टहास करती, घोर रूप, बाघ की खाल, मस्तक पर चंद्रमा, घना नीला वर्ण। हाथों में कर्त्री-कपाल-कमल-तलवार, तीन नेत्र, शव पर आरूढ़ — उन तारा देवी को प्रणाम।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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