महामृत्युंजय मंत्र जप की विधि क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
महामृत्युंजय जप: ब्रह्ममुहूर्त में, रुद्राक्ष माला से, शिव का ध्यान करते हुए, भस्म त्रिपुंड लगाकर। नित्य 108, रोग में 1008 बार। गंभीर संकट में 21 दिन × 1008। हवन: 'ॐ त्र्यम्बकं... स्वाहा' — तिल और घी से।
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