मकर संक्रांति पर किए कार्यों का फल कितना गुना मिलता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
धर्मसिंधु, मत्स्य पुराण: मकर संक्रांति पर स्नान, दान, जप और तप का फल अनंत कोटि गुणा। राजमार्तंड: अयन/विषुव संक्रांति पर दान = सामान्य दिनों से करोड़ों गुना (कोटिगुना) पुण्य। दान भविष्य के जन्मों में सूर्य देव द्वारा लौटाया जाता है।
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मकर संक्रांति परिचय
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