का सरल उत्तर
पहली कथा में हनुमान जी ने निस्संतान ब्राह्मणी को पुत्र देकर उसके सत्य की रक्षा की। दूसरी कथा में एक बुढ़िया माई को उसकी बहू ने सताया, तो स्वयं हनुमान जी ने बालक बनकर उसे खाना दिया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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