का सरल उत्तर
मनु-शतरूपा ने 'तुम सम पुत्र' (आपके समान पुत्र) माँगा। शतरूपा ने सुख, गति, भक्ति, चरण-प्रेम, ज्ञान माँगा। मनु ने कहा — पुत्ररूप से आपके चरणों में प्रीति हो। भगवान ने कहा — तुम्हारी सब इच्छा पूरी की, सन्देह मत करो।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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