का सरल उत्तर
नैमिषारण्य तीर्थ में, फिर गोमती नदी के किनारे। वहाँ मुनियों ने सब तीर्थ करा दिये। वल्कल वस्त्र धारण करके संत-समाज में नित्य पुराण सुनते और द्वादशाक्षर मन्त्र (ॐ नमो भगवते वासुदेवाय) का जप करते थे।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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