का सरल उत्तर
कर्मफल इसी जन्म में, मृत्यु के बाद यमलोक में या अगले जन्म में मिलता है। कोई कर्म बिना फल के नहीं रहता। संचित, प्रारब्ध और क्रियमाण — इन तीन रूपों में कर्म फल देते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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