का सरल उत्तर
ऋषि मार्कण्डेय ने हेममाली का सच्चा पछतावा देखकर उसे आषाढ़ कृष्ण पक्ष की 'योगिनी एकादशी' का व्रत करने को कहा। इस व्रत के प्रभाव से उसका कुष्ठ रोग ठीक हो गया और वह श्राप मुक्त हो गया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।