का सरल उत्तर
यह कथा एक शिकारी की है जिसने अनजाने में बेल के पेड़ पर बैठकर रात भर शिवलिंग पर पत्ते और जल गिराए थे, जिससे प्रसन्न होकर शिव जी ने उसे मोक्ष दिया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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