का सरल उत्तर
'तजहु तात यह रूपा। कीजै सिसुलीला अति प्रियसीला' — विष्णु रूप छोड़कर बालक बनो, यह सुख अनुपम है। भगवान ने बालक रूप धरकर रोना शुरू किया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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