मंदिर में दीपदान करने का क्या विशेष महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अग्निपुराण: 'दीपदान = व्रत+योग+मोक्ष।' मंदिर में दीपदान = लक्ष्मी कृपा, दीर्घायु, नेत्र ज्योति, अकाल मृत्यु से रक्षा। घी+तिल = अश्वमेध समान। विधि: मिट्टी दीया+घी/तिल तेल → संकल्प मंत्र → देवता के सामने। कार्तिक सर्वश्रेष्ठ। दीपक ही सम्पूर्ण पूजा।
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