मंत्र जप में 108 संख्या का महत्व क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
108 का महत्व: सूर्य-पृथ्वी = सूर्य व्यास × 108 (खगोल)। 12 राशि × 9 ग्रह = 108 (ज्योतिष)। 108 उपनिषद, शक्तिपीठ (वेद)। 108 मर्म स्थान (आयुर्वेद)। 108 नाड़ी केंद्र (तंत्र)। 10,800 दैनिक श्वास ÷ 100 = 108 (योग)।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
108 का महत्व
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।