मृत्यु के बाद गाय दान क्यों करते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गरुड़ पुराण: वैतरणी नदी पार कराने गाय पूँछ पकड़ाती है। गाय = देवमाता (33 कोटि देव)। गो-दान = सबसे बड़ा दान, पाप क्षय। गाय न हो = गौशाला दान/धन दान। भाव प्रधान।
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