का सरल उत्तर
जीवात्मा स्वभावतः सूक्ष्म और अदृश्य है, साधारण नेत्रों से दिखाई नहीं देती। गरुड़ पुराण में बताए गए शारीरिक परिवर्तन — जैसे आँखें उलटना या शरीर शिथिल होना — उसके निर्गमन के बाह्य संकेत हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।