मृत्यु के समय किए गए दान का क्या विशेष महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गरुड़ पुराण में मृत्युकाल के दान का फल हजार गुना है। 'दान रूपी पाथेय से यममार्ग सुखद होता है।' अष्टमहादान (तिल, स्वर्ण, नमक, सप्तधान्य, जलपात्र, लोहा, रुई, भूमि, पादुका) अन्तकाल में अवश्य देने चाहिए।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
जीवन एवं मृत्यु
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।