का सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के समय सबसे पहले बोलने की शक्ति चली जाती है। व्यक्ति सुन और अनुभव कर सकता है, परंतु बोल नहीं पाता। इसीलिए मरणासन्न व्यक्ति को भगवान का नाम सुनाने का विधान है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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