का सरल उत्तर
मृत्यु के समय व्यक्ति को दिव्य दृष्टि मिलती है और वह अपना पूरा जीवन देख सकता है। चेतना की अवस्था कर्मों पर निर्भर करती है — पुण्यात्मा को शांति, पापी को भय। अंतिम विचार अगला जन्म तय करता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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