का सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के समय की मानसिक स्थिति कर्मों पर निर्भर है। पुण्यात्मा शांत और ईश्वरोन्मुखी होता है। पापी व्याकुल और भयभीत। गीता के अनुसार अंतिम समय का विचार ही अगला जन्म तय करता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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