का सरल उत्तर
मृत्यु के समय जीवन के कर्म स्वतः याद आते हैं। मोही को परिवार और इच्छाएँ, भक्त को ईश्वर का स्मरण होता है। अंतिम विचार ही अगला जन्म तय करता है — इसीलिए जीवन भर ईश्वर-स्मरण जरूरी है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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