का सरल उत्तर
'न मम' = 'यह मेरा नहीं है।' शिवार्पणम् = अनुष्ठान का संपूर्ण पुण्य भगवान शिव के चरणों में समर्पित करना। 'ॐ अनेन... न मम' — यह पूजन कर्म शिव का है, मेरा कोई अधिकार नहीं। यह अहंकार का पूर्ण शमन है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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