का सरल उत्तर
परब्रह्म में 'एको हं बहुस्याम्' के संकल्प से जो आदिम स्पंदन उत्पन्न हुआ वही 'नाद-ब्रह्म' या 'शब्द-ब्रह्म' कहलाया — यह सम्पूर्ण ब्रह्मांड में व्याप्त अनाहत ध्वनि है जिसे योगीजन गहन समाधि में सुनते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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