का सरल उत्तर
दारुका राक्षस ने शिवभक्त सुप्रिय वैश्य को समुद्र में पकड़कर कैद किया। कारागार में सुप्रिय की पुकार सुनकर शिव ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए, सुप्रिय को पाशुपतास्त्र दिया जिससे दारुक का वध हुआ। वह ज्योतिर्लिंग नागेश्वर नाम से प्रसिद्ध हुआ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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