नंदीशेनेश्वर शिवलिंग पर शक्ति-परीक्षण (अखाड़ा परंपरा) का क्या महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
यद्यपि पुराणों में इसका सीधा उल्लेख नहीं है, परंतु काशी के अखाड़ों की परंपरा में पहलवान और हठयोगी इस शिवलिंग से आंतरिक बल (वीर-भाव) मांगते हैं। यह स्थानीय अखाड़ा संस्कृति और आगमिक योग का समन्वय है।
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