का सरल उत्तर
नारद मुनि की वीणा का नाम 'महती' है। इससे सदा 'नारायण-नारायण' की ध्वनि निकलती है। माना जाता है कि वीणा का आविष्कार नारद जी ने ही किया था।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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